नोएडा में 8वीं तक स्कूल 5 दिन के लिए बंद:सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई होगी, 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम

क्लू टाइम्स, सुरेन्द्र कुमार गुप्ता 9837117141

NCR में यूपी के दो शहर आते हैं। नोएडा और गाजियाबाद। दोनों ही शहरों में प्रदूषण की वजह से स्मॉग छा रही है। नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 400 के पार जा चुका है। ये गंभीर श्रेणी है। इसको देखते हुए GRAP यानी 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' का चौथा चरण लागू किया गया है। 

अबपढ़ते हैं कि क्या पाबंदियां लागू की गई हैं...

1 से 8 वीं तक सिर्फ ऑनलाइन क्लॉसेज
गौतमुबद्धनगर DIOS धर्मवीर सिंह ने 8 नवंबर तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। इस दौरान सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई होगी। स्कूलों में होने वाली सभी तरह की आउटडोर एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई है। 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों में भी ऑनलाइन पढ़ाई कराने का सुझाव दिया गया है।

नोएडा की एलिवेटड रोड पर फैली स्मॉग की चादर। इससे विजिबिलिटी कम हो गई।
नोएडा की एलिवेटड रोड पर फैली स्मॉग की चादर। इससे विजिबिलिटी कम हो गई।


नोएडा और गाजियाबाद में डीजल वाहन, सरकारी कंस्ट्रक्शन पर रोक

  • डीजल से चलने वाले हल्के और भारी वाहन नहीं चलेंगे। आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को छूट है।
  • पीएनजी संचालित औद्योगिक इकाइयों को छोड़कर सभी बंद की गई हैं।
  • सरकारी परियोजनाओं से जुड़े निर्माण कार्य और ध्वस्तीकरण पर रोक लगी है।
  • राज्य सरकार स्कूल, कालेज, संस्थान, गाड़ियों के आड-ईवन नियम से जुड़े फैसले ले सकती है।
  • सरकारी और निजी दफ्तर में 50% कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम दिया गया है।
  • कूड़े , गार्बेज , पत्ते, कोयला और तंदूर जलाना प्रतिबंधित है।
  • किसी प्रकार का खनन का काम नहीं होगा।

NCR बना गैस चैंबर, देखें AQI

शहरवायु गुणवत्ता सूचकांक
ग्रेटर नोएडा440
नोएडा420
गाजियाबाद404
मुजफ्फरनगर335

(ये रिपोर्ट शुक्रवार सुबह 8 बजे तक की है)

सिचाईं विभाग के नाले पर फैला प्रदूषण साफ देखा जा सकता है।
सिचाईं विभाग के नाले पर फैला प्रदूषण साफ देखा जा सकता है।

प्रदूषण से निपटने के लिए ये प्रयास हो रहे

  • नोएडा में 90 स्प्रिंकलर और 40 एंटी स्मॉग गन लगाई गईं हैं।
  • ग्रेटर नोएडा में 20 स्प्रिंकलर टैंकर और 12 एंटी स्मॉग गन लगाई गईं हैं।
  • 500 मीटर से बड़ी साइट को डस्ट ऐप पर रजिस्टर्ड कराने के निर्देश दिए गए है।
  • जो प्रोजेक्ट एप पर रजिस्टर्ड नहीं हैं, उनको तत्काल प्रभाव से बंद किया जा रहा है।
  • निर्माण स्थलों पर मटेरियल को ग्रीन शीट से ढकने के लिए कहा गया है।
  • 5000 से 10 हजार वर्गमीटर की प्रत्येक साइट पर दो एंटी स्मॉग गन लगानी हैं।
  • 10 से 15 हजार वर्गमीटर पर तीन स्मॉग गन और उससे बड़े यानी 20 हजार वर्गमीटर पर चार स्मॉग गन लगाए जाए।
  • ग्रेप के नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर 80 लाख का जुर्माना लग चुका है।
  • पांच फायर टेंडर से रोजाना पेड़ों की पत्तियों की धुलाई कराई जा रही है।
नोएडा प्रवेश द्वार की तस्वीर है। देखिए यहां भी धुंध साफ नजर आ रही है।
नोएडा प्रवेश द्वार की तस्वीर है। देखिए यहां भी धुंध साफ नजर आ रही है।

प्रदूषण की परत छाई
शुक्रवार सुबह से ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण की परत छाई रही। इससे दमा और सांस के मरीजों की समस्या बढ़ गई है। 30 दिन में AQI में दो से ढाई गुना तक की वृद्धि हुई है। 1 अक्टूबर को नोएडा व ग्रेनों की हवा गुणवत्ता मध्यम थी, जोकि अब अति गंभीर होने के लगभग करीब है।

नोएडा की हवा और हो रही जहरीली
नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 427 रिकार्ड किया गया। ये आंकड़ा गुरुवार देर रात का है। जिस समय यातायात काफी कम रहता है। अलग अलग सेक्टरों की बात करे तो सेक्टर-125 में एयर क्वालिटी इंडेक्स 383, सेक्टर-62 में 462 सर्वाधिक, सेक्टर-1 में 429, सेक्टर-116 में 432 रिकार्ड किया। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने बताया कि यदि हवा धीमी रही तो प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।
वहीं सेक्टर-62 में एनओटू की मात्रा 34 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब , सीओ की मात्रा 156 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब और ओजोन की मात्रा 141 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब रिकार्ड की गई। जो कि एक स्वस्थ्य व्यक्ति को बीमार करने के लिए काफी है।

अब आपको कानपुर के प्रदूषण के हालात भी बताते हैं...

कानपुर में AQI 300 के पार
कानपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार पहुंच गया है। शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 311 दर्ज किया गया है। जबकि दिन में डीजल गाड़ियों का दबाव बढ़ने के बाद कुछ जगह पर एयर क्वालिटी का आंकड़ा 500 तक पहुंच रहा है। कल्याणपुर इलाके में AQI 500 के आसपास दर्ज किया गया था।

सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि प्रदूषण का स्तर कम किया जा सके।
सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि प्रदूषण का स्तर कम किया जा सके।

ये भी जाने कब कब लागू हुए चरण
ग्रैप का पहला फेज पांच अक्टूबर को पहला, 19 अक्टूबर को दूसरा और 29 अक्टूबर तीसरा चरण लागू किया गया था। ये भी बताया गया कि आगामी छह नवंबर को स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। ऐसे में छह नवंबर को दोबारा से रिव्यू बैठक की जाएगी।