एनसीआर के गाजियाबाद में विकसित होगा औद्योगिक हब, जानें क्‍या होगा फायदा

 


गाजियाबाद. एनसीआर (NCR) के गाजियाबाद में उत्‍तर प्रदेश का औद्योगिक हब (Industrial Hub) विकसित किया जाएगा. औद्योगिक हब को मास्‍टर प्‍लान 2031 (Master Plan 2031) में शामिल किया गया है. होली के बाद इस योजना को मंडल से मंजूरी मिल जाएगी. इस प्रस्‍ताव को शासकीय समिति की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है. उत्‍तर प्रदेश में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद इस प्रस्‍ताव में किसी भी तरह की कोई बाधा आने संभावना नहीं है. औद्योगिक हब बनने के बाद गाजियाबाद जिले में कई अन्‍य विकास कार्य शुरू हो जाएंगे.

उत्‍तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्‍न होने के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने मास्‍टर प्‍लान 2031 को बोर्ड से मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. शहर के सुनियोजित विकास के लिए बने मास्टर प्लान को मार्च के अंत तक मंजूरी मिल जाएगी. बोर्ड बैठक के लिए जीडीए की ओर से अगले सप्ताह मंडलायुक्त को प्रस्‍ताव भेजा जाएगा. बोर्ड बैठक में मंजूरी के बाद आपत्तियों व सुझाव मांगने की प्रक्रिया फिर शुरू होगी.

जीडीए वीसी कृष्णा करुणेश का कहना है कि आचार संहिता हटने के साथ ही बोर्ड बैठक कराने के लिएप्रक्रिया शुरू हो गई है. प्राधिकरण द्वारा इस सप्‍ताह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. भू उपयोग परिवर्तन के कई प्रस्‍ताव जीडीए की बोर्ड बैठक में रखे जाएंगे.

औद्योगिक क्षेत्र की खासियत

मास्‍टर प्‍लान -2031 में गाजियाबाद-डासना, मोदीनगर मुरादनगर और लोनी का 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र शामिल किया गया है. इससे 27 हजार पंजीकृत उद्योगों की ट्रांसपोर्ट नगर की बड़ी मांग पूरी होगी. सबसे ज्याद 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र गाजियाबाद व डासना क्षेत्र में शामिल है. डासना और उसके आसपास नया औद्योगिक क्षेत्र बनेगा.

आवासीय कॉलोनियां होंगी विकसित

मास्‍टर प्‍लान के अनुसार मोदीनगर व मुरादनगर में 60 हेक्टेयर और लोनी में 20 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग कृषि से बदलकर आवासीय करने का रास्ता साफ हो गया है. रैपिड रेल कॉरिडोर के पास मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र नई आवासीय योजनाओं का केंद्र होग. डासना-दुहाई के पास इंटरस्टेट टर्मिनल के विकास की योजनाओं को विकसित किया जा सकेगा.