UPPSC Recruitment: असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में आवेदन के नियम में बदलाव, यहां देखें आनलाइन अप्लाई डेट

 

यूपीपीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में आवेदन के नियम में बदलाव किया है।

प्रयागराज [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में आवेदन के नियम में बदलाव किया है। इसके तहत स्नातक पास और परास्नातक में 55 प्रतिशत अंक पाने वाले आवेदन कर सकते हैं। पहले स्नातक में द्वितीय श्रेणी प्राप्त करने की बाध्यता थी। आयोग ने 16 फरवरी से आनलाइन आवेदन लेना शुरू कर दिया है। आनलाइन परीक्षा शुल्क 28 फरवरी तक जमा किए जा सकेंगे, जबकि आवेदन की अंतिम तारीख तीन मार्च निर्धारित है।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सीधी भर्ती के तहत 24 नवंबर 2020 को छह विभागों में 328 पदों की भर्ती निकाली थी। इसमें राजकीय महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की 128 पदों की भर्ती होनी है। अर्हता को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट के आदेश पर आयोग ने अर्हता के मानक में बदलाव किया है।

आयोग के सचिव जगदीश का कहना है जो अभ्यर्थी विज्ञापन के सापेक्ष अनिवार्य शैक्षिक अर्हताएं धारित न करने के कारण आवेदन करने से वंचित हर गए थे, उनमें जिनकी आयु एक जुलाई 2020 को न्यूनतम 21 व अधिकतम 40 वर्ष (आयु सीमा में छूट नियमानुसार रहेगी) थी, वह इस विज्ञापन के सापेक्ष आवेदन कर सकते हैं।

प्रदेश को मिले 14 कर्मशाला अधीक्षक : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग चुनाव के बीच भर्तियों को तेजी से निस्तारित करा रहा है। इसके तहत प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कर्मशाला अधीक्षक की भर्ती का परिणाम जारी किया गया है। इसमें 14 पदों की भर्ती निकाली गई थी। अभ्यर्थियों का साक्षात्कार सात व आठ फरवरी को लिया गया था। इसमें अतुल कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्र प्रताप सिंह, रवि कुमार मौर्य, पुनीत पांडेय, नितेश कुमार श्रीवास्तव, जलज यादव, अनवर अहमद, रमेश चंद्र यादव, सुनील कुमार, विश्वनाथ कुमार, राहुल सोनकर, पिंकेश कुमार, अलका सक्सेना व नीरज जयंत का चयन हुआ है। संयुक्त सचिव लखन लाल शिवहरे ने सशर्त चयनित अभ्यर्थियों से आयोग द्वारा दी गई तारीख के अंतर्गत समस्त शैक्षिक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है। कहा कि ऐसा न करने वालों का अभ्यर्थन निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।