नववर्ष तुम्हारा स्वागत है (कविता)

नववर्ष तुम्हारा स्वागत है (कविता)

नया साल आ गया है। नए साल के मौके पर हम सभी बेहद उत्साहित हैं। इस दिन हम सभी कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जिससे हमारा पूरा साल बेहद अच्छा बीते। कवियत्री ने कविता के माध्यम बहुत कुछ बताया है।

नए साल की दस्तक मन में नए उत्साह का संचार करती है। जब कैलेंडर बदलता है तो हम सभी अपने जीवन में एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद करते हैं। जिन सपनों व गोल्स को हम बीते साल में पूरा नहीं कर पाए, उन्हें आने वाले समय में पूरा होने की उम्मीद रखते हैं। हम सभी नए साल पर कुछ संकल्प लेते हैं। कवियत्री इस कविता में इन सभी चीजों को बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है।

स्वागत स्वागत स्वागत, 

नववर्ष तुम्हारा स्वागत है।

बहुत हो गया रोना-धोना,

हर घर उल्लास की आशा है।

नव वर्ष का ये प्रथम प्रभात, 

दे सबको मधुर सौगात।

स्वास्थ्य समृद्धि से भर दे जीवन, 

हों उत्साहित गौरवान्वित मन।

नई सुबह फिर दमकी है, 

फूलों की बगियां महकी है।

अभिनंदन नववर्ष तुम्हारा, 

खुशियों से है भरा नजारा।

खुशियाँ अक्षुण्य रखना है,

पल पल ध्यान रखना है।

नववर्ष के ये अद्भुत नजारे,

संग साथ हो सदा हमारे।

नई उजास है नया उजियारा

स्वागत है नववर्ष तुम्हारा।