पाकिस्तान की संसद में पेश हुआ मिनी बजट तो विपक्ष को क्यों आई 1971 की जंग में किए गए आत्मसमर्पण की याद?

पाकिस्तान की संसद में पेश हुआ मिनी बजट तो विपक्ष को क्यों आई 1971 की जंग में किए गए आत्मसमर्पण की याद?

पाकिस्तान की संसद में वित्त मंत्री शौकत तारिन ने संसद में बहुप्रतीक्षित पूरक वित्त विधेयक पेश किया गया। विपक्षी दल ने पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में पाकिस्तान की हार का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक संप्रभुता का समर्पण 1971 में आत्मसमर्पण की तुलना में अधिक खतरनाक है।

पैसे-पैसे के लिए मोहताज पाकिस्तान की सरकार देश चलाने के लिए विदेशी संस्थाओं के खैरात पर टिका हुआ है। इसी मुफलसि के दौर में देश की हुकूमत को कुछ ऐसे कदम उठाने की नौबत आ गई जिससे जनता की भारी नाराजगी झेलनी पड़ रही है। दरअसल, पाकिस्तान की संसद में वित्त मंत्री शौकत तारिन ने संसद में बहुप्रतीक्षित पूरक वित्त विधेयक पेश किया, जिसमें विपक्षी दलों के विरोध के बीच 1 बिलियन अमरीकी डालर के अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ऋण का रास्ता साफ हो गया। लेकिन पाक सरकार के इस कदम की वजह से प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार पर पाकिस्तान की आर्थिक आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया गया।

1971 की हार से ज्यादा खतरनाक है ये आत्मसमर्पण

बिल पर बोलते हुए विपक्षी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेता ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सरकार इस बिल के तहत स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान का नियंत्रण IMF को दे रही है। विपक्षी दल ने  पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में पाकिस्तान की हार का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक संप्रभुता का समर्पण 1971 में आत्मसमर्पण की तुलना में अधिक खतरनाक है।

सरकार ने किया दावे को खारिज

वित्त मंत्री तारिन ने धन विधेयक के बारे में विपक्षी दलों की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि इस कदम से गरीब तबके के लोगों को चोट नहीं पहुंचेगी। उन्होंने कहा, "इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि नए उपायों से गरीबों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा," उन्होंने कहा कि अब नया कर लगाया जा रहा है, क्योंकि केवल 343 अरब रुपये के टैक्स ब्रेक वापस लिए जा रहे हैं।