चीन की तीसरी आंख ने बढ़ाई भारत-US की टेंशन, दुनिया में सबसे तेज स्पीड वाला सैटेलाइट, 42 सेकेंड में कैप्चर कर सकता है तस्वीरें

चीन की तीसरी आंख ने बढ़ाई भारत-US की टेंशन, दुनिया में सबसे तेज स्पीड वाला सैटेलाइट, 42 सेकेंड में कैप्चर कर सकता है तस्वीरें

बीजिंग-3 किसी भी देश में गाड़ियों की पहचान करने में सक्षम है। इसके साथ ही सैटेलाइट वाहन में रखे सामान की साफ तस्वीरें भेजने में भी सक्षम है। बीजिंग-3 ने सैंट फ्रांसिस्को की एकदम साफ तस्वीरें भेजी हैं। सैटेलाइट ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शक्तीशाली कैमरों से लैस है।

चीन अंतरिक्ष से भारत पर नजर रखने में जुटा हुआ है। इसके लिए उसने शक्तिशाली सैटेलाइट लॉन्च किया है। चीन की जंबो सैटेलाइट का नाम बीजिंग-3 है।  चाइनीज सैटेलाइट बीजिंग-3 पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। बीजिंग-3 किसी भी देश में गाड़ियों की पहचान करने में सक्षम है। इसके साथ ही सैटेलाइट वाहन में रखे सामान की साफ तस्वीरें भेजने में भी सक्षम है। बीजिंग-3 ने सैंट फ्रांसिस्को की एकदम साफ तस्वीरें भेजी हैं। सैटेलाइट ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शक्तीशाली कैमरों से लैस है। 

चीन का साजिश वाला कैमरा 

दावा किया जा रहा है कि ये सैटेलाइट महाशक्तिशाली है। एक टन वजनी सैटेलाइट का इस्तेमाल चीन अपने दुश्मन देशों के सैन्य गतिविधियों के लिए करेगा। बताया जा रहा है कि बीजिंग-3 सैटेलाइट से वो किसी भी देश में सड़क पर जा रहे सेना के वाहनों और उस पर लदे हथियारों को मात्र कुछ सेकेंड में पहचान लेगा। चीन के इस जासूसी सैटेलाइट से भारतीय सेना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक आक्रमकता का सामना कर रही है। 

अमेरिका की भी मुश्किलें बढ़ा दी 

बीजिंग-3 ने अमेरिका की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दावा किया जा रहा है कि सैटेलाइट केवल 42 सेकेंड में किसी भी अमेरिकी शहर के चारो ओर एक बड़े एरिया की तस्वीरों को कैप्चर कर सकता है। सेटेलाइट ने सैन फ्रांसिस्को खाड़ी (3,800 वर्ग किलोमीटर) के मुख्य क्षेत्र का गहन मूल्यांकन पूरा किया। तस्वीरों को कथित तौर पर 500 किलोमीटर की ऊंचाई से लिया गया था और इसका रिजॉल्यूशन 50 सेंटीमीटर प्रति पिक्सेल था।