साइबर अपराधी रिश्तेदार या परिचित बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं

गाजियाबाद . साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। रिश्तेदार या परिचित बनकर लोगों से ठगी का नया तरीका साइबर अपराधियों ने निकाला है। ठग भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। साइबर सेल को इस तरह के कई मामले मिले हैं, जिनमें पीड़ितों ने शिकायत की है। साइबर सेल के अधिकारी व पुलिस ऐसे मामलों की जांच कर रही है। साइबर सेल के नोडल अधिकारी सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र का कहना है कि शिकायतों के बाद ऐसे मामलों की जांच की जा रही है। पुलिस जल्द ही ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। एप बन गए हैं ठगी का हथियार : साइबर ठग मोबाइल की विभिन्न एप के माध्यम से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। वह फोन करके अपने को उनका परिचित या रिश्तेदार बताकर भरोसा जीत लेते हैं और इसके बाद वारदात को अंजाम देते हैं। हाल में ही इस तरह की कई घटनाएं प्रकाश में आई हैं।

पिता का दोस्त बताकर ठगे 74 हजार रुपये : सिहानी गेट थाना क्षेत्र के भाटिया मोड़ निवासी सुनीता देवी ने साइबर सेल को तहरीर दी है। उनका कहना है कि उनके बेटे पवन कुमार स्मार्ट फोन इस्तेमाल करते हैं। उनके फोन पर एक काल आई और दूसरी तरफ से बोल रहे व्यक्ति ने अपने को उनके पिता का दोस्त बताते 20 हजार रुपये पिता को देने की बात कही। आरोपित ने एक रुपये उनके फोनपे पर भेजे। एक रुपया उन्हें प्राप्त हुआ तो आरोपित ने 20 हजार रुपये की रिक्वेस्ट भेजी। इसे स्वीकार करते ही उनके खाते से 74 हजार रुपये कट गए। मोबाइल फोन पर मैसेज आने के बाद पीड़ित को घटना का पता चला। जिस नंबर से काल आई थी वह बंद हो गया। परिचित बताकर खाते से निकाले एक लाख रुपये : सिहानी गेट थाना क्षेत्र के नेहरूनगर निवासी दीपांशु गुप्ता नगर निगम के कर्मचारी हैं। उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया और फोन करने वाले ने अपने को उनका परिचित बताया। आरोपित ने उनसे कहा कि मुझे कुछ पैसे बैंक खाते में चाहिए। मैं तुम्हें पैसे भेज रहा हूं। ये मेरे खाते में ट्रांसफर कर देना। ठग ने भुगतान करने के लिए उनके फोनपे पर रिक्वेस्ट भेजी। इसके बाद उनके खाते से कई बार में एक लाख रुपये निकल गए। मैसेज आने के बाद पीड़ित को ठगी का पता चला। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।