एक दिन साफ रहने के बाद मंगलवार को मौसम ने फिर करवट बदली, कृषि विज्ञानियों की मानें तो आसमान से बरस रहा पानी गेहूं के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं


फिर हुआ बूंदाबांदी का मौसम, गेहूं को होगा फायदा
मोदीनगर: एक दिन साफ रहने के बाद मंगलवार को मौसम ने फिर करवट बदली और पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। जहां तहां हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इससे जहां सर्दी में इजाफा हो गया। वहीं, गेहूं की फसल के हिसाब से भी यह मौसम फायदेमंद बताया जा रहा है। कृषि विज्ञानियों की मानें तो आसमान से बरस रहा पानी गेहूं के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। किसानों को भी इससे दोहरा फायदा हो रहा है।

इस वक्त गेहूं की फसल को पहला पानी लगाने का समय है। रजवाहों, माइनरों में पानी इस बार समय रहते नहीं छोड़ा गया। ऐसे मौके पर हुई बूंदाबांदी से जहां किसानों की मेहनत कम हुई है। वहीं, फसल अच्छी होने की भी पूरी उम्मीद है। नवंबर, दिसंबर माह में भी इस बार खूब बारिश हुई। जिससे गेहूं की बुआई को किसानों को देरी हो गई। 15 दिसंबर तक मौसम गर्म बना रहा है, जिससे गेहूं का विकास बेहतर नहीं हो सका। पिछले एक सप्ताह से सर्दी जिस तरह से बढी है, उसने किसानों की उम्मीद जगा दी। अब बूंदाबांदी हुई तो किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

इस बारे में मुरादनगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व वरिष्ठ कृषि विज्ञानी डा. अरविद यादव का कहना है कि बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को फायदा होगा। अब पाला पड़ने की संभावना भी बढ़ गई, जो गेहूं की फसल के लिए एक तरह से उर्वरक का काम करती है। गदाना गांव के प्रगतिशील किसान मनोज नेहरा कहते हैं कि किसानों का भविष्य मौसम तय करता है। यदि ऐसे ही मौसम बना रहा तो गेहूं की फसल का विकास बेहतर होगा। उत्पादन बेहतर होने से किसानों को फायदा होगा।