जीडीए में उत्तर प्रदेश आनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम (यूपीओबीपीएएस) साफ्टवेयर शुरू

 


गाजियाबाद : नक्शा स्वीकृति के लिए लोग परेशान न हों, इसके लिए प्रदेश शासन ने अक्टूबर 2019 में उत्तर प्रदेश आनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम (यूपीओबीपीएएस) साफ्टवेयर शुरू किया था। वहीं इस साफ्टवेयर में खामियां लगातार उजागर हो रही हैं। ताजा मामला साफ्टवेयर अपडेट न होने का है। जीडीए के नियोजन अनुभाग से अधिशासी अभियंता एनके चौधरी का तबादला कई माह पूर्व गाजियाबाद नगर निगम में मुख्य अभियंता के पद पर हो चुका है, पर अब तक नियोजन अनुभाग में उनकी लाग-इन चल रही है और लगातार नक्शा स्वीकृति की फाइलें स्वीकृत होने को उनके लाग-इन पर जा रही हैं। गलत नक्शा स्वीकृत होने का खतरा : पिछले दिनों प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने नक्शा स्वीकृति के पेंडिग मामलों को निस्तारित करने के लिए हर स्तर पर समय-सीमा तय की थी। हर स्तर के अधिकारी तक नक्शा स्वीकृति की फाइल कितने समय रहेगी, इस संबंध में दिन तय था। उक्त अधिकारी द्वारा निश्चित समयावधि में निस्तारण न करने पर संबंधित नक्शा स्वीकृति का आवेदन सिस्टम से खुद उससे उच्चाधिकारी के पास चला जाएगा। अवर अभियंता स्तर पर तीन दिन, सहायक अभियंता स्तर पर एक दिन, नगर नियोजक स्तर पर एक दिन, मुख्य नगर नियोजक स्तर पर दो दिन, सचिव स्तर पर तीन दिन और उपाध्यक्ष स्तर पर अधिकतम पांच दिन में नक्शा स्वीकृति के आवेदन निस्तारित करने की व्यवस्था लागू कराई गई थी। जीडीए से स्थानांतरित हो चुके अधिकारी के लाग-इन पर नक्शा स्वीकृति की फाइलें जाएंगी तो लागू व्यवस्था के तहत तय समयावधि में फाइल का निस्तारण न होने पर फाइल खुद आगे बढ़ जाएगी। ऐसे में गलत नक्शा पास होने का खतरा है।

 वर्जन..

साफ्टवेयर में खामी से ऐसा हुआ है। इसमें सुधार और अपडेट के लिए साफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी को निर्देश दे दिए गए हैं।

-आशीष शिवपुरी, मुख्य नगर नियोजक, जीडीए।