किसानों ने कहा कि वे इस बारिश में पूरी तरह बर्बाद हो गए


मोदीनगर:
एक सप्ताह बाद मौसम का मिजाज फिर बदला और शाम को झमाझम बारिश हुई। इससे किसान पूरी तरह निराश हो गए। धान की फसल के बर्बाद होने में जो थोड़ी बहुत कसर थी, वह भी पूरी हो गई। ऐसे में किसानों ने कहा कि वे इस बारिश में पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। न केवल इस फसल पर इसका असर पड़ेगा। बल्कि आने वाले समय में गेहूं की बुआई भी इस बारिश से प्रभावित होगी। ध्यान रहे कि मानसून की अधिक बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया, जिससे इस बार ईख की छिलाई का काम भी शुरू नहीं हो सका और मिल भी इस बार इसी कारण देरी से चलेगी। किसानों को प्रशासन से कुछ राहत की उम्मीद थी, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक नुकसान का सर्वे भी नहीं कराया है। ऐसे में किसानों को इस बार भुखमरी की नौबत आने का डर सता रहा है। सितंबर माह में इस बार अत्याधिक बारिश हुई। खेतों में कहीं कहीं तो दो फीट से भी ज्यादा पानी भर गया। अक्टूबर माह में पिछले सप्ताह रविवार, सोमवार को जबरदस्त बारिश हुई, जिससे जो पानी सूखा था, वह फिर भर गया। अब रविवार की शाम को अचानक से मौसम का मिजाज फिर बदल गया और रात तक बारिश होती रही। सोमवार को भी मौसम इसी तरह बने रहने की पूरी पूरी संभावना थी। प्रगतिशील किसान मनोज नेहरा कहते हैं कि किसानों की किस्मत इस बार कुदरत के हाथ में है। धान की फसल पूरी तरह बर्बाद है। अब जिस तरह मौसम का रवैया बना हुआ है, उससे गेहूं की बुआई भी समय से नहीं हो सकेगी। यह बेमौसम बरसात किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देगी।