छात्र-छात्राओं के किसी का बैंक में खाता नहीं है तो किसी का खाता आधार कार्ड से लिक नहीं, 25 फीसद को भी लाभ नहीं मिल सका


गाजियाबाद
: जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले आधे छात्र-छात्राओं को योजनाओं के अंतर्गत भेजे जाने वाली धनराशि नहीं मिल पा रही है। बच्चों के अभिभावकों की खाता संख्या नहीं मिल पाने की वजह से समस्या आ रही है। किसी का बैंक में खाता नहीं है तो किसी का खाता आधार कार्ड से लिक नहीं है। बैंकों के संविलियन होने पर आइएफएस कोड बदलने से भी धनराशि नहीं पहुंच पा रही है। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन की परिवर्तन लागत शासन द्वारा अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है। इसके अलावा अब यूनिफार्म खरीदने की धनराशि भी अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। शिक्षकों का कहना है कि कोरोना काल के दौरान स्कूल बंद रहे तो मध्यान्ह भोजन का राशन वितरण किया गया था और परिवर्तन लागत राशि अभिभावकों के खाते में भेजी जा रही थी। लेकिन तीन बार शासन द्वारा लागत राशि भेजी गई, लेकिन अभिभावकों के खाते की समस्या की वजह से 25 फीसद को भी लाभ नहीं मिल सका था।

कई ऐसे अभिभावक हैं जिनके खाते पुराने हैं। विभिन्न बैंकों के संविलियन होने से उनके आइएफएस कोड बदल गए हैं। उन्होंने अपने खाते रिन्यू नहीं कराए उनके खाते में धनराशि नहीं जा पा रही है। वहीं बड़ी संख्या में अभिभावकों के खाते बंद हो चुके हैं। जिससे योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। तीन बार मध्यान्ह भोजन परिवर्तन लागत राशि शासन द्वारा भेजी गई, लेकिन वापस हो गई। कोशिश की जा रही है अभिभावक खाता खोलने के प्रति जागरूक हों।

सभी अभिभावक बैंक में अपना खाता खुलवा लें। किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए बैंक में खाता होना जरूरी है। छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म की धनराशि भी अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। कुल 1,056 रुपये खाते में आएंगे। दो सौ रुपये स्वेटर, 600 रुपये यूनिफार्म, 135 रुपये जूते, सौ रुपये बैग और 21 रुपये मोजे खरीदने के लिए मिलेंगे। अभिभावक खाता खुलवाने या अन्य खाता संबंधी जानकारी के लिए शिक्षकों से मदद ले सकते हैं। बैंक खाते से अपना आधार व पैन कार्ड लिक करा लें। जो पुराने खाते हैं और बैंक मर्ज हो चुके हैं उन्हें अपडेट करा लें। खाते की समस्या की वजह से ही परिवर्तन लागत सभी अभिभावकों को नहीं मिल सकी थी।

अभिभावकों के खाते संबंधी समस्या के समाधान के लिए अभिभावक अपने बच्चे के स्कूल में शिक्षक से जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए शिक्षकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों की समस्या का समाधान कराते हुए ज्यादा से ज्यादा अभिभावकों के खाते की सूची पोर्टल पर अपडेट करें।

- बृज भूषण चौधरी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी