मिर्जापुर की कालीन, सिर्मथुरा के सैंडस्टोन और 21 फुट ऊंचा अशोक स्तंभ, जानें नए संसद भवन से जुड़ी खास बातें

 


सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बन रही नई संसद का जोरो-शोरो से जारी है। सरकार के दावों की माने तो 2022 का शीतकालीन सत्र भारत की नई संसद में आयोजित किया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो 2022 के शीतकालीन सत्र के दौरान सांसदों के नए संसद भवन में प्रवेश करने पर मिर्जापुर के हाथ से बुने हुए कालीन, नागपुर और मुंबई के टीकवुड फर्नीचर और अगरतला बांस के लकड़ी के फर्श सांसदों का स्वागत करेंगे। इसी तरह उदयपुर के केशरिया ग्रीनस्टोन, अंबाजी के सफेद संगमरमर, अजमेर में लाखा के लाल संगमरमर और सिर्मथुरा के बलुआ पत्थर जैसे देश भर से सामग्री का उपयोग किया गया है।

नई संसद आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के दृष्टिकोण का एक आंतरिक हिस्सा है और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में प्रतिबद्धता और प्रयासों का प्रतीक है। आवास और शहरी विकास के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने निर्माण स्थल पर संवाददाताओं से कहा कि इसे भारतीय सामग्री का उपयोग करके भारतीयों द्वारा डिजाइन और बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम ने कई बार साइट पर निर्माण गतिविधियों की स्थिति की समीक्षा की है और उनके उल्लेखनीय इनपुट ने नए भवन की कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मोर और कमल के फूल की थीम

लोकसभा और राज्यसभा के सदन की संरचना का थीम अलग-अलग होगा। लोकसभा का थीम राष्ट्रीय पक्षी - मयूर और राज्य सभा का थीम राष्ट्रीय पुष्प - कमल होगा।

भूकंप रोधी

नया संसद भवन भूकंप के झटकों को भी झेल सकेगा। पुराना संसद भवन बनने के समय दिल्ली जोन 2 में थी, लेकिन अब जोन 4 में है, क्योंकि एनसीआर में भूकंप का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में नए संसद भवन को मजबूत किया जाएगा ताकि वह जोन 5 में लगे तेज झटकों को झेल सके।

21 फुट ऊंचा अशोक स्तंभ

नई संसद के सबसे ऊपर 21 फुट ऊंचा और 10 फुट ऊंचा अशोक स्तंभ लगाया जाएगा, जो काफी दूर से दिखाई देखा।