मतदान स्थल पर कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए मतदान संपन्न कराना : जिला निर्वाचन अधिकारी


पांच दिन पहले मतदाताओं को मिल जाएगी मतदाता पर्ची, शांतिपूर्ण होगा मतदान : जिला निर्वाचन अधिकारी

पांच दिन पहले मतदाताओं को मिल जाएगी मतदाता पर्ची, शांतिपूर्ण होगा मतदान : जिला निर्वाचन अधिकारी

10 फरवरी को मतदान हैं, इसको लेकर तैयारी की गई है।

मतदान को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। इस बार का मतदान इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण प्रत्येक मतदान स्थल पर कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए मतदान संपन्न कराना है। प्रत्येक मतदान केंद्र पर कोविड-19 हेल्प डेस्क इंफ्रारेड थर्मामीटर, मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर, हाथ धुलने की व्यवस्था इत्यादि रहेगी। 

लोनी जिले में सबसे संवेदनशील विधानसभा है, यहां शांति व्यवस्था बनाए रखना चुनौती है।

गाजियाबाद में लोनी विधानसभा ही नहीं बल्कि सभी विधानसभाओं में संवेदनशीलता का आंकलन करते हुए पर्याप्त पुलिस प्रबंध किए गए हैं। संपूर्ण जनपद 200 सेक्टर में विभाजित है, प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट को औसत चार मतदान केंद्र का पर्यवेक्षण करना है। जिसके परिणामस्वरुप वह किसी भी मतदान केंद्र पर 10 मिनट में आसानी से पहुंचेंगे। इसके अलावा थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी, उप जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक लगातार भ्रमणशील रहकर शांति व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। मैं आश्वस्त हूं कि लोनी के साथ-साथ संपूर्ण जनपद में मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा। 

जिले में अब तक आदर्श आचार संहिता के 10 से अधिक मामले दर्ज हो गए हैं, फिर भी उल्लंघन जारी है।

आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इसी का परिणाम है कि आचार संहिता उल्लंघन का कोई भी प्रकरण संज्ञान में आने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाती है। 

अब तक चुनाव को प्रभावित करने वाले कितने लोगों को चिह्नित किया गया है, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

अब तक 27,376 लोगों को मुचलका पाबंद किया जा चुका है। इन लोगों पर विशेष नजर है, यदि किसी ने भी कानून व्यवस्था को चुनौती दी तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। चुनाव में गड़बड़ी पैदा करने वाले तत्वों को चिन्हित करके उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। 

मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए क्या तैयारी है, शहरी क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र से कम मतदान होता है।

मतदान प्रतिशत बढ़े, इसके लिए एक वरिष्ठ अपर जिलाधिकारी को स्वीप प्रभारी भी बनाया गया है। शहरी क्षेत्र में शिक्षण संस्थाओं में मतदाता जागरुकता संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करके मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिले के स्वयंसेवी संगठनों को रोटरी क्लब को लायंस क्लब को एनएसएस को स्काउट को एनसीसी को और मुख्य रूप से सिविल डिफेंस को जोड़कर मतदाता जागरुकता संबंधी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस बार विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदाताओं को मतदाता पर्ची मतदान से पांच दिन पूर्व उपलब्ध करा दी जाए साथ ही एक परिवार को एक वोटर गाइड प्रपत्र भी उपलब्ध कराया जा रहा है। गत लोकसभा चुनाव की तुलना में पूरे जनपद में 96 मतदान केंद्र और बढ़े हैं। लोगों को उनके निवास स्थान के समीपस्थ मतदान केंद्र की सुविधा प्रदान की गई है, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के मतदान करने अवश्य आएं। विगत चुनाव में जिन क्षेत्रों में कम मतदान हुआ है। ऐसे मतदान केंद्रों को चिह्नित करके ऐसे क्षेत्रों में मतदाता जागरूकता संबंधी कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। 

एक तरफ चुनाव तो दूसरी तरफ कोरोना, इन दोनों चुनौतियों से निपटना कितना मुश्किल है।

कोरोना संक्रमण की रफ्तार जनपद में कम हुई है। सैंपल पाजिटिविटी रेट भी कम हुआ है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान जारी है । टीकाकरण से जो लोग छूटे हुए हैं। घर-घर टीमें भेजकर उनका टीकाकरण कराया जा रहा है। 15 से 17 वर्ष के बच्चों का भी टीकाकरण काफी अच्छा हो रहा है। कोरोना संक्रमण तथा चुनाव दोनों के संबंध में बेहतर प्रबंधन के माध्यम से कोरोना संक्रमण को रोकने में सफलता प्राप्त करेंगे साथ ही चुनाव प्रक्रिया को भी शांतिपूर्ण निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराएंगे।