उत्तराखंड के राज्यपाल ने कहा, सुरक्षित हाथों में है राष्ट्रीय सुरक्षा

उत्तराखंड के राज्यपाल ने कहा, सुरक्षित हाथों में है राष्ट्रीय सुरक्षा

सिंह ने कहा कि यह विद्यालय के लिये गौरव की बात है कि उसका कैडेट उत्तराखंड का राज्यपाल बना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने देश भर में सैनिक स्कूलों की संख्या 33 से बढ़ाकर 100 करने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल होने से पहले सिंह ने 1967 से 1973 तक इसी विद्यालय में पढ़ाई की थी।

कपूरथला (पंजाब)। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुरक्षित हाथों में है, जो किसी भी बाहरी खतरे से देश की रक्षा कर सकती है। सिंह ने कहा कि उन्हें भारतीय राजनीति में इस “बदलाव” का गवाह बनने पर गर्व है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा व राष्ट्रीय भावनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है और देश के लिये सख्त फैसले लिए जा रहे हैं। राज्यपाल अपने पूर्व विद्यालय सैनिक स्कूल कपूरथला में ‘पूर्व छात्र सम्मेलन’ में शामिल होने के लिए यहां पर थे। 

उन्होंने सैनिक स्कूल के पूर्व छात्र रहे कमांडिंग अफसर कर्नल संतोष बाबू द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान की सराहना करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कर्नल बाबू पिछले साल जून में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन केहमले में अपने जवानों का नेतृत्व करते हुए शहीद हो गए थे। सिंह ने कहा कि यह विद्यालय के लिये गौरव की बात है कि उसका कैडेट उत्तराखंड का राज्यपाल बना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने देश भर में सैनिक स्कूलों की संख्या 33 से बढ़ाकर 100 करने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल होने से पहले सिंह ने 1967 से 1973 तक इसी विद्यालय में पढ़ाई की थी।