पूर्वी पाकिस्तान से आए 63 हिंदू परिवारों को बसाने की तैयारी में योगी सरकार, कानपुर देहात में देखी जमीन

पूर्वी पाकिस्तान से आए 63 हिंदू परिवारों को बसाने की तैयारी में योगी सरकार, कानपुर देहात में देखी जमीन

कानपुर देहात में जिन 63 हिंदू परिवारों को बसाने की बात चल रही है वो करीब 50 साल से मेरठ के हस्तिनापुर में रह रहे हैं। लेकिन पुनर्वास विभाग एवं एक्ट समाप्त हो जाने के बावजूद सरकार इन्हें बसाने के लिए प्रयासरत है और जल्द ही हिंदू परिवारों को रसूलाबाद के भैंसाया लाया जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पूर्वी पाकिस्तान (अब के बांग्लादेश) से आए 63 हिंदू परिवारों को बसाने के लिए जमीन देख रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक हिंदू परिवारों को कानपुर देहात के रसूलाबाद में बसाया जाएगा। इसके लिए अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह कानपुर देहात के स्थानीय नागरिकों के साथ बातचीत की है और यहां पर जमीन भी देखी है। 

योगी सरकार का बड़ा निर्णय

आपको बता दें कि कानपुर देहात में जिन 63 हिंदू परिवारों को बसाने की बात चल रही है वो करीब 50 साल से मेरठ के हस्तिनापुर में रह रहे हैं। लेकिन पुनर्वास विभाग एवं एक्ट समाप्त हो जाने के बावजूद सरकार इन्हें बसाने के लिए प्रयासरत है और जल्द ही हिंदू परिवारों को रसूलाबाद के भैंसाया लाया जाएगा।

साल 1970 में पूर्वी पाकिस्तान में हो रहे अत्याचारों के बीच हिंदू परिवारों ने पड़ोसी मुल्क भारत में शरण ली थी। इस दौरान 63 हिंदू परिवार मेरठ चले आए। जहां के हस्तिनापुर में यह लोग रहने लगे और कामकाज करने लगे। हालांकि कुछ वक्त बाद ही रहने और खाने-कमाने की दिक्कत पैदा हो गई थी। 
मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मेरठ में मिल के बंद हो जाने की वजह से सैकड़ों शरणार्थी बेघर हो गए थे, उस वक्त मिल को फिर से चालू कराने के लिए तत्कालीन सरकार ने 90 लाख रुपए दिए थे। इसके बावजूद मिल चालू नहीं हो पाई थी। आपको बता दें कि करीब 350 शरणार्थियों को सरकार पुनर्वासित करा चुकी है और बचे हुए 63 हिंदू परिवारों के लिए जमीन का निरीक्षण भी किया जा चुका है। अब जल्द ही उन्हें बसाया जाएगा।