अमेरिका की रिपोर्ट का दावा, 2030 तक चीन के पास होंगे 1,000 परामाणु हथियार


अमेरिका की रिपोर्ट का दावा, 2030 तक चीन के पास होंगे 1,000 परामाणु हथियार

पेंटगन की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि चीन अपनी भू, समुद्री और वायु आधारित परमाणु क्षमता प्रणाली की संख्या में बढ़ोतरी कर रहा है और अपनी परमाणु ताकत के विस्तार के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।

वाशिंगटन। चीन अपने परमाणु अस्त्रों के भंडार में तेजी से बढ़ोतरी कर रहा है और साल 2030 तक उसके उस पास मौजूद परमाणु हथियारों की संख्या कम से कम 1000 तक पहुंच सकती है। पेंटगन की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि चीन अपनी भू, समुद्री और वायु आधारित परमाणु क्षमता प्रणाली की संख्या में बढ़ोतरी कर रहा है और अपनी परमाणु ताकत के विस्तार के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है। यह रिपोर्ट उस वक्त आई है जब ताइवान समेत कई मुद्दों को लेकर अमेरिका और चीन के संबंधों में तनाव है। पेंटागन का नया आकलन पिछले साल की उसकी रिपोर्ट के मुकाबले बहुत ज्यादा है क्योंकि पिछली रिपोर्ट में उसने कहा था कि एक दशक के भीतर बीजिंग के परमाणु अस्त्रों की संख्या करीब 400 हो सकती है।

उसने कहा कि चीन अत्याधुनिक रिएक्टर और पुनसंवर्धन सुविधाओं का निर्माण कराकर प्लूटोनियम के निर्माण एवं इसे पृथक करने की क्षमता बढ़ा रहा है तथा इसके माध्यम से अपने परमाणु शक्ति के विस्तार में सहयोग ले रहा है। इस रिपोर्ट में ताइवान, भारत के खिलाफ चीन के आक्रामक रुख तथा इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन और वियतनाम के विरुद्ध बीजिंग के कड़ा रुख रखने को लेकर चिंता जताई गई है। पेंटागन का कहना है कि साल 2027 तक चीन के पास 700 तक परमाणु अस्त्र हो सकते हैं तथा बीजिंग का इरादा 2030 तक 1000 परमाणु हथियार रखने का है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अत्याधुनिक तकनीक का महारथी बनने और नवोन्मेष में वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए आक्रमक ढंग से आगे बढ़ रहा है।