एक हत्या से सुलझी पांच कत्लों की गुत्थी, अभी करना चाह रहा था दो और हत्याएं


गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) में प्रॉपर्टी के लालच में भाई ने ही अपने बड़े भाई, दो भतीजे और दो भतीजियों की हत्या (Murder) कर दी. अभी हाल ही में अपने भतीजे रिशु की हत्या भी इसी ने की थी, जिसके बाद पुलिस (Police) ने रिशु के पिता की तहरीर के आधार पर सर्विलांस पर लेकर आरोपी लीलू को गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ इसके दो साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हत्या में प्रयुक्त सामान भी बरामद किया गया है.

पुलिस गिरफ्त में आए लीलू, सुरेंद्र और राहुल ने प्रॉपर्टी के विवाद में अपने रिश्तों का ही कत्ल कर दिया और एक के बाद एक कुल पांच जानें ले ली. इस पूरी घटना कि कहानी लीलू ने सन 2001 में लिखी थी. पुलिस पूछताछ में लीलू ने बताया कि उसके पिता के कुल 3 भाई थे. तीनों की अलग-अलग जमीन थी. जमीन कब्जाने के लिए लीलू ने सन 2001 में अपने सबसे बड़े भाई सुधीर को एक लाख की सुपारी देकर मेरठ में मरवा दिया. उसके कुछ दिन बाद ही लीलू ने सुधीर की छोटी बेटी पायल जो कि महज 8 साल की थी, उसकी जहर देकर हत्या कर दी और बताया कि कोई जहरीले कीड़ा काटने से इसकी मौत हो गई. इतने पर भी लीलू की हवस पूरी नहीं हुई. उसके करीब 3 साल बाद लीलू ने पायल की बड़ी बहन पारुल जिसकी उम्र करीबन 16 साल थी उसकी हत्या करके भी लाश को हिंडन नदी में फैंक दिया. इसी तरह एक परिवार के तीन लोगों की हत्या कर अपने बड़े भाई की संम्पति हड़प ली और उसपर अपना आलीशान मकान भी बना लिया. ये सब उसने अपने ओर अपने एकलौते बेटे के लिए किया. हालांकि पुलिस गिरफ्त में आने के बाद लीलू अब पछतावे का ढोंग कर रहा है.

ऐसे खुला राज

पुलिस के मुताबिक लीलू की हवस अभी भी नहीं भरी थी. वह अपने दूसरे भाई की प्रॉपर्टी भी हड़पना चाहता था, जिसके लिए चलते लीलू ने अपने दूसरे भाई बृजेश त्यागी के परिवार को निशाना बनाया. 8 साल पहले बृजेश के बेटे निशु की हत्या की और उसकी लाश को नदी में फेंक दिया. इसी साल सन 2021 में 8 अगस्त को बृजेश के दूसरे बेटे रिशु की भी रस्सी से गला घोटकर कत्ल कर दिया और लाश को बोरे में बंद करके बुलंदशहर की नहर में फेंक आया. पांच कत्ल करने के बाद लीलू के निशाने पर एक मात्र बचा उसका भाई बृजेश त्यागी व उसकी पत्नी थे. बृजेश के पास करीब 7 बीघा जमीन है जिसकी कीमत तकरीबन सवा दो करोड़ रुपए है. पुलिस पूछताछ में लीलू ने यह भी बताया कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है.

भतीजे की गुमशुदगी से आया पुलिस की रडार पर

वहीं दूसरी ओर परिजनों ने जब बीती 8 अगस्त को रिशु की गुमशुदगी लिखाई तभी से पुलिस के रडार पर आरोपी लीलू था. इस बार भी लीलू ने अपने भतीजे रिशु की हत्या के लिए रिशु को फोन करके गांव से बाहर बुलाया और गाड़ी में बिठा कर किसी बहाने से ले गया. लीलू के अलावा इस बार उसके साथ रिटायर सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह, उसका नौकर राहुल विक्रांत और उसका भतीजा बैठे हुए थे. उन्होंने रिशु की रस्सी से गला घोट कर हत्या कर दी. इसके बाद उसकी लाश को भी बोरे में भरकर बुलंदशहर की एक नहर में फेंक दिया. हालांकि पुलिस ने लीलू, सुरेंद्र और राहुल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि विक्रांत व उसका भतीजा व एक अन्य साथी अभी भी अन्य मामले में जमानत उतरवाकर बुलंदशहर जेल में चले गए हैं. जिनको गाजियाबाद लाने का प्रयास भी पुलिस द्वारा किया जा रहा है.अब रिशु के पिता भी अपनी जान का खतरा बता रहे हैं.


हत्या का नहीं है कोई पछतावा
हालांकि पुलिस ने पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया है, लेकिन महज रिशु की गुमशुदगी के बाद हत्या से पुलिस ने जैसे ही रडार पर लेकर उसके चाचा लीलू को हिरासत में लिया तो उसने एक के बाद एक पांच हत्याएं वह भी प्रॉपर्टी के लिए करना कबूल कर लिया. जिस तरीके से लीलू ने तमाम वाकया पुलिस को बताया और यह भी कहा कि उसे अपने किये पर पछतावा नहीं है.